
अगर चले जाए दूर, बहूत दूर,
याद रखना।
अगर पुराने वे फूल झड़ जाएँ-
नवीन कुसुम के तबस्सुम से,
तभ भी याद रखना।
अगर आँसू आए अँखियन में,
कल्लोल थम जाए किसी मीठी रात की रुदन में,
भूल न जाना, याद रखना मुझे।
अगर कलरव थम जाए किसी सुबह के पतझड़ में
रखना याद, याद रखना मुझे।
अगर याद आ जाए, फिर भी
छलछल जल नयन सरोवर, पर आसूँ न छलके,
तभ भी याद रखना, याद रखना मुझे ॥